नई दिल्ली, 29 दिसंबर 2025 – भारत सरकार ने क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए देश के 100 इंजीनियरिंग कॉलेजों में क्वांटम टीचिंग लैबोरेट्री स्थापित करने की योजना घोषित की है। प्रत्येक चुने गए कॉलेज को 1 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह पहल राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (National Quantum Mission - NQM) के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य भारत को क्वांटम टेक्नोलॉजी में वैश्विक नेता बनाना है।
क्या है यह नई पहल?
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के सचिव प्रोफेसर अभय करंदीकर ने 24 नवंबर 2025 को IIT बॉम्बे में एक कार्यक्रम के दौरान इस योजना की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इन लैबों का मुख्य फोकस अंडरग्रेजुएट स्तर पर क्वांटम टेक्नोलॉजी की शिक्षा देना होगा, न कि उन्नत रिसर्च। इन लैबों से बीटेक छात्रों के लिए माइनर प्रोग्राम शुरू किए जा सकेंगे।
- फंडिंग: प्रत्येक कॉलेज को 1 करोड़ रुपये (कुल 100 करोड़ रुपये)।
- आवेदन: पहले ही 500 से अधिक कॉलेजों से प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 100 का चयन किया जाएगा।
- संस्था: DST और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) मिलकर इस योजना को लागू करेंगे।
- उद्देश्य: फैकल्टी डेवलपमेंट, कोर्स डिजाइन और बेसिक क्वांटम एक्सपेरिमेंट्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना।
यह कदम छात्रों में क्वांटम टेक्नोलॉजी के प्रति रुचि जगाने और कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय क्वांटम मिशन का बैकग्राउंड
NQM को अप्रैल 2023 में कैबिनेट ने मंजूरी दी थी, जिसकी कुल लागत 6003 करोड़ रुपये है (2023-2031 तक)। मिशन के चार मुख्य थीमेटिक हब्स (T-Hubs) स्थापित किए गए हैं:
- IISc बेंगलुरु
- IIT मद्रास
- IIT दिल्ली
- IIT बॉम्बे
इन हब्स में क्वांटम कंप्यूटिंग, कम्युनिकेशन, सेंसिंग और मटेरियल्स पर काम हो रहा है। हाल ही में IIT बॉम्बे और IISc बेंगलुरु में 720 करोड़ रुपये की दो बड़ी क्वांटम फैब्रिकेशन फैसिलिटी की घोषणा भी की गई, जो स्वदेशी क्वांटम चिप्स और सेंसर्स बनाने में मदद करेंगी।
क्वांटम टेक्नोलॉजी क्यों महत्वपूर्ण है?
क्वांटम टेक्नोलॉजी क्लासिकल कंप्यूटिंग से कहीं अधिक शक्तिशाली है। यह क्वांटम मैकेनिक्स के सिद्धांतों पर आधारित है, जहां क्यूबिट्स (qubits) 0 और 1 दोनों स्थिति में एक साथ रह सकते हैं (सुपरपोजिशन)। इसके प्रमुख फायदे:
- सुरक्षा: क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (QKD) से हैक-प्रूफ कम्युनिकेशन।
- स्वास्थ्य: दवा खोज में तेजी, कैंसर जैसी बीमारियों का बेहतर इलाज।
- रक्षा और ऊर्जा: उन्नत सेंसर्स, क्लाइमेट मॉडलिंग और नई सामग्री।
- अर्थव्यवस्था: स्टार्टअप्स और जॉब्स का नया अवसर।
भारत इस क्षेत्र में अमेरिका, चीन और यूरोप के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहा है। NQM से आत्मनिर्भर भारत और डिजिटल इंडिया को बल मिलेगा।
छात्रों और कॉलेजों के लिए अवसर
यह योजना इंजीनियरिंग छात्रों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। नए लैब्स से:
- हैंड्स-ऑन एक्सपीरियंस मिलेगा।
- क्वांटम कोर्स जैसे माइनर डिग्री शुरू होंगे।
- फैकल्टी ट्रेनिंग से बेहतर शिक्षण।
यदि आप इंजीनियरिंग छात्र हैं या कॉलेज संचालक, तो AICTE/DST की वेबसाइट पर अपडेट चेक करें। चयनित कॉलेजों की लिस्ट जल्द जारी हो सकती है।
निष्कर्ष: भारत का क्वांटम लीप
यह पहल भारत को क्वांटम युग में आगे ले जाएगी। युवा पीढ़ी को तैयार करके हम न केवल तकनीकी क्रांति का हिस्सा बनेंगे, बल्कि उसका नेतृत्व भी करेंगे। क्वांटम टेक्नोलॉजी भविष्य है – और भारत उस भविष्य को गढ़ रहा है!
कीवर्ड्स: क्वांटम टेक्नोलॉजी भारत, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन, इंजीनियरिंग कॉलेज क्वांटम लैब, NQM अपडेट 2025, क्वांटम कंप्यूटिंग शिक्षा।
(स्रोत: DST, IIT बॉम्बे और संबंधित सरकारी घोषणाएं)